Monday, December 8, 2008

कुछ जीने की चाहत सी है
तुम हो साथ इतनी राहत सी है
जिन्दगी इतनी कम तो नही
तेरे प्यार को खोने का गम तो नही
इसीलिए होठो प मुस्कराहट सी है