Friday, December 4, 2009

अभी अभी


हम तुम से जब यु दूर जा रहे है
जाने क्यों फिर भी मुस्कुरा रहे है
कोई वादा न था तुम से कभी
फिर क्यों अपना गम छुपा रहे है
तेरी धडकनों से अनजान है तो
जाने क्यों खुद को सता रहे है
आँख भर आई अभी अभी
लगा किसी अपने को तडपा रहे है

Wednesday, December 2, 2009

अहसास

क्यों उदास है खुद से ,
की बात अभी बाकि है
तनहा नहीं जरा भी तू ,
मेरा साथ अभी बाकि है
तड़पती है रूह  कभी ,
मगर आस अभी बाकि है,
मरने की आरजू न कर की ,
जज्बात अभी बाकि है,
जो खो गए है कहीं ,
वो अहसास अभी बाकि है,
जरा मुड कर तो देख ले,
मेरे साँस अभी बाकि है,
राहो मे ये भूल न जाना ,
मेरा प्यार अभी बाकि है,

Saturday, May 2, 2009

साथ

अपने दर्दे दिल से हम उनको हँसाते रहे
हमारे दिल की बाते वो हँसी मे उडाते रहे
तन्हाइयो मे शामिल होना था उन्हें
वो हमारी बेचैनिया बढाते रहे
मजबूर थे हम उनके प्यार मे इतना की
उनकी खताओं को भी दिल से लगाते रहे
मुश्किल था उन से जुदा होना की हम
उनके साथ जीने की आस लगाते रहे
एक आंसू भी न छलके उनकी आँख से
उनके गमो से खुद को तड़पाते रहे
कभी तो समझेंगे वो हाले दिल
अब तक हम खुद को समझाते रहे
जब जब देखा उन्हें ख्वाबो मे
वो हमें अपना बनाते रहे
अब दूर जाने का वक्त आया तो
हम रोते रहे वो मुस्कुराते रहे


Friday, April 17, 2009

सुकून

जो मुझे सुकून दे एसा जहां नहीं मिलता
जो मुझे आसरा दे एसा आशियाँ नहीं मिलता
सब्र तो कब से है हमे लेकिन
जरा भी आसमान नहीं मिलता
जिन्दगी यु ही गुजर रही है रात की तरह
हमारे जहां मे सूरज नहीं निकलता
रात भी जरा खफा सी लगती है
एक टुकडा चांद नहीं मिलता
कुछ पाने की ख्वाहिश मे सब खो रही है जिंदगी
फिसल रही है मुट्ठी में से रेत की तरह
रास्ते तो बहुत है यहाँ मगर
हमें कोई कारवां नहीं मिलता

Saturday, February 7, 2009

इश्क

फकत इश्क से गुजरा नही होता
अजनबी शहर मे सहारा नही होता
अजब होते है वो मंजर भी
जब साहिल का किनारा नही होता
जब बर्बादं होने को होती है जिंदगी
दिल से ये नज़ारा नही होता

Tuesday, January 27, 2009

साथ

कुछ अलग ही समां होता है
जब वो साथ होते है
कुछ हम मुस्कुरा लेते है
कुछ गुनगुना लेते है
गिन लेते है सब तारो को
सागर की लहरें चुरा लेते है
रात ढल न जाए
हम चाँद को ठहरा लेते है
कुछ यादो को दोहरा लेते है
होता है जब जुदा होने का वक्त
तुम हो पास मे दिल के
ख़ुद को इतना समझा लेते है