Tuesday, July 13, 2010

यादे

हर शिकवा हम भूल जाया करते है
जब वो मुस्कुराया करते है
जिंदगी लगती है सपने सी
जब हो हमे सताया करते है
हर गम से जुदा हो  जाते है
जब सामने वो आया करते है
रहती नहीं खबर खुद  ही की
हाल अपने जब वो बताया करते है
ख़ामोशी भी लगती है बोलने
जब वो याद आया करते है

2 comments:

M VERMA said...

ख़ामोशी भी लगती है बोलने
जब वो याद आया करते है
समर्पण की बहुत सुन्दर रचना

कुश said...

तो ये बात है.. :)